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रामनाथ कोविंद होंगे राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, आम सहमति के आसार कम

नयी दिल्ली/पणजी/पटना/मुंबई/लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया लेकिन विपक्ष के रुख को देखते हुये उनके नाम पर आम सहमति बनने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. केन्द्र में तीन वर्ष पहले स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने वाली भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि वाले दलित नेता कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया और कांग्रेस सहित सभी दलोें से उनका समर्थन करने की अपील की. भाजपा के संसदीय बोर्ड की आज हुयी बैठक में कोविंद के नाम पर मुहर लगायी गयी. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे. इस बीच कोविंद आज शाम पटना से राजधानी पहुंच गये हैं. उनके 23 जून को नामांकन पत्र दाखिल करने की संभावना है. राष्ट्रपति के उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने को लेकर भाजपा नेता पिछले कुछ दिनों से विभिन्न दलों से लगातार बातचीत कर रहे थे लेकिन किसी को भी कोविंद के नाम की भनक तक नहीं लगी. यहां तक कि मीडिया में उम्मीदवार को लेकर जो नाम चल रहे थे उनमें उनके नाम का कभी कोई जिक्र नहीं हुआ. कोविंद के नाम का फैसला होते ही मोदी् , शाह और पार्टी के अन्य नेताओं ने दूसरे दलों के नेताओं से संपर्क साधा और समर्थन का अनुरोध किया . मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मन मोहन सिंह से बात की तो शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को उम्मीदवार के बारे में जानकारी दी. भाजपा की पुरानी सहयोगी शिवसेना ने फिलहाल कोविंद के नाम पर हामी नहीं भरी है . उसने एक दो दिन में अपना निर्णय देने की बात कही है. वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति और तेलुुगु देशम ने कोविंद के समर्थन की घोषणा कर दी है. बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि दलित होने के नाते उनकी पार्टी कोविंद का समर्थन करेगी बशर्ते विपक्ष की ओर से कोई अन्य लोकप्रिय दलित नेता उम्मीदवार न बना दिया जाये. विपक्ष ने उम्मीदवार के बारे में भाजपा के ‘ एकतरफा निर्णय’ पर नाखुशी जाहिर की है तथा उसके रुख से लगता है कि कोविंद के नाम पर सर्वसम्मति बनने के आसार नहीं है. विपक्ष के नेताओं का कहना है कि उनसे बातचीत के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा था कि उम्मीदवार का नाम तय होने पर वे उनसे फिर विचार विमर्श करेंगे लेकिन भाजपा ने अपना उम्म्दीवार घोषित कर दिया है. इसे देखते हुये 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में अागे की रणनीति तय की जायेगी .
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा के निर्णय काे एकतरफा बताया हालांकि उन्होंने कोविंद के बारे में कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीता राम येचुरी ने कहा कि भाजपा ने आरएसएस के नेता काे उम्मीदवार बनाया है. इस पर हम 22 जून को फैसला करेंगे. उन्होंने याद दिलाया कि अब तक एक चुनाव को छोड़ कर राष्ट्रपति पद के हर चुनाव में संघर्ष हुआ है. यह चुनाव भी एक राजनीतिक लड़ाई की तरह है. माकपा और भाकपा पहले यह घोषणा कर चुके हैं कि वे आरएसएस पृष्ठभूमि के किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने के खिलाफ हैं.

कोविंद के लिए ममता का समर्थन जुटाने का जिम्मा नायडू को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए रामनाथ कोविंद के पक्ष में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी का समर्थन हासिल करने का जिम्मा सौंपा है . मोदी ने कोविंद को राष्ट्रपति पद का राजग का उम्मीदवार बनाये जाने के सम्बन्ध नायडू से फोन पर बात की और इसके लिए उनका समर्थन मांगा . इस पर नायडू ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए कोविंद का चयन सही और उत्तम चयन है . आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यालय से यहां मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने नायडू को कोविंद के लिए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख का समर्थन जुटाने का जिम्मा सौंपा . नायडू ने प्रधानमंत्री के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और वह सुबनर्जी के विदेश से लौटने के बाद उनसे बातचीत करेंगे . सुबनर्जी आज ही नीदरलैंड की यात्रा पर गयीं हैं . नायडू ने कोविंद के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि वह दो बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं . उन्होंने प्राइमरी स्कूलों में ढांचागत सुविधा विकसित करने के लिए अथक प्रयास किया . मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए उनके चयन से समाज के वंचित तबके के प्रति राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रतिबद्धता का पता लगता है.

कोविंद के नाम से विपक्ष हक्का-बक्का
निर्विवाद, मृदुभाषी, कानूनविद् और कमजोर वर्ग के लोगों के हक तथा शिक्षा के प्रसार के लिए संघर्ष करने वाले दलित समुदाय के रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की चाल से विपक्षी खेमा सकते में है. कोविंद की शख्सियत ही ऐसी है कि राजग के धुर विरोधी भी उनके प्रसंशक हैं. राजग की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद कोविंद के नाम का विरोध विपक्ष का कोई भी नेता नहीं कर पा रहा है. जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविंद के नाम पर व्यक्तिगत तौर पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्हें समर्थन देने का भी संकेत दिया है और कहा है कि उन्होंने अपनी भावना से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को अवगत करा दिया है. कुमार ने कोविंद से राजभवन में मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कोविंद ने बिहार के राज्यपाल के रूप में बेहतरीन काम किया है और राज्य सरकार के साथ एक राज्यपाल का जो आदर्श संबंध होता है उसे उन्होंने निभाया है. उनके कार्यों को हमेशा याद रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत तौर पर उनके लिए प्रसन्नता की बात है कि बिहार के राज्यपाल राष्ट्रपति के उम्मीदवार घोषित हुए हैं. वह सम्मान प्रकट करने के लिए उनसे मिलने राजभवन गये थे. इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर कोविंद के नाम की घोषणा के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कोविंद के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि राष्ट्रपति चुनाव पर 22 जून को विपक्ष की बैठक में निर्णय लिया जायेगा.उनसे जब यह पूछा गया कि कोविंद के नाम पर क्या विपक्ष की राय एक हो पायेगी तब उन्होंने कहा “बैठक में हम एक राय देंगे.” कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने भी कोविंद की प्रशंसा की और कहा कि शिक्षा मंत्री के तौर पर राज्यपाल कोविंद के साथ उनका संबंध काफी अच्छा रहा है. वह व्यक्तिगत तौर पर कोविंद का काफी सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि जहां तक राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद को समर्थन देने का सवाल है उसपर पार्टी आलाकमान को फैसला लेना है. पार्टी का जो भी फैसला होगा वह माना जायेगा. बिहार के पूर्व मंत्री तथा एक समय राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे शिवानंद तिवारी ने कहा कि कोविंद भद्र, सज्जन और ईमानदार इंसान हैं.राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी उन्होंने उनको देखा है. उन्होंने कहा कि बिहार के राज्यपाल के रूप में भी करीब तीन वर्षों से सब लोग उन्हें देख रहे हैं. राज्यपाल के रूप अबतक उनका कार्यकाल निर्विवाद रहा है. तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के रास्ते भाजपा में उनका प्रवेश नहीं हुआ है. वर्ष 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव के रूप में वह काम कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ़ दलित होने की वजह से ही नहीं बल्कि एक योग्य और लायक व्यक्ति के रूप में भी राष्ट्रपति के लिए उनका नाम सबके लिए विचारणीय हो सकता है.

राजग उम्मीदवार पर शिवसेना की मुहर लगनी बाकी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोविंद को अगले माह होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिये आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का उम्मीदवार घोषित कर दिया लेकिन अभी इस पर उसकी प्रमुख सहयोगी शिवसेना की मुहर लगनी शेष है. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे एक-दो दिन में नेताओं की बैठक बुलायेंगे जिसमें इस संबंध में कोई फैसला किया जायेगा और इसकी जानकारी भाजपा काे दी जायेगी. उन्होंने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कोविंद काे उम्मीदवार बनाये जाने के बारे में ठाकरे को फोन पर जानकारी दी और समर्थन मांगा. राउत ने कहा कि शिवसेना ने राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिये दो नाम सुझाये थे. पार्टी ने पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और बाद में कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को उम्मीदवार बनाने की सलाह दी थी. भाजपा ने कोविंद को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. पार्टी इस पर विचार कर अपने निर्णय से उसे अवगत करायेगी. शाह ने कल यहां ठाकरे से मुलाकात की थी और राष्ट्रपति चुनाव के बारे में बातचीत की थी.

कोविंद के राष्ट्रपति बनने से वंचितों में जगेगा विश्वास -गोयल
केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि एक समय चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अब समाज के शोषित -वंचित तबके से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने से देश के हर नागरिक में यह विश्वास जगेगा कि उसे भी उच्च पदों पर पहुंचने का अवसर मिल सकता है. गोयल ने राष्ट्रपति पद के लिए कोविंद का चयन करने के लिए भाजपा संसदीय बोर्ड की तारीफ करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विपक्षी दल इस निर्णय को स्वीकार करेंगे और उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रपति चुनने में मदद करेंगे. बिजली मंत्री ने कहा कि जिसतरह एक गरीब परिवार के मोदी प्रधानमंत्री बने हैं और साधारण कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक कैरियर की शुरूआत करने वाले अमित शाह विश्व की सबसे बडे दल भाजपा के अध्यक्ष बने हैं उसीतरह अब समाज के शोषित -पीड़ित तबके के कोविंद के राष्ट्रपति बनने से देश के हर नागरिक में यह विश्वास जगेगा के यह देश उसका है और उसे भी ऊंचे पद पर पहुंचने का अवसर मिल सकता है. उन्होंने कहा कि कोविंद एक बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से हैं तथा उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में समाज में अपने लिए स्थान बनाया है. एक गरीब परिवार से निकला व्यक्ति भारत का राष्ट्रपति बने यह हमारे लिए गौरव की बात होगी.

पार्रिकर ने काेविंद के चयन को सही ठहराया
गोवा के मुखयमंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद का सही चयन किया है. पार्रिकर आज यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा,“रामनाथ बहुत ही सज्जन व्यक्ति के साथ ही उच्च शिक्षित व्यक्ति हैं इसलिए उनका चयन बहुत सही है.” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर के निवासी कोविंद दलित परिवार से हैं और वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं.

पासवान ने किया कोविंद का समर्थन
लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख एवं केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने का स्वागत किया है. पासवान ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह दलित समुदाय के व्यक्ति और जमीनी कार्यकर्ता को राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हैं . उन्होंने कहा कि सभी दलों को कोविंद का समर्थन करना चाहिये . लोजपा प्रमुख ने कहा कि जो भी पार्टी कोविंद का विरोध करेगी उसे दलित विरोधी माना जायेगा . इसके साथ ही जो पार्टी उनके खिलाफ दलित समुदाय के ही व्यक्ति को उम्मीदवार बनायेगी उसे “ वोटकटवा ” कहा जायेगा .

कोविंद : सर्वोच्च पद का उम्मीदवार बनाये जाने वाले बिहार के पहले राज्यपाल
बिहार का राज्यपाल नियुक्त होने के करीब दो साल बाद ही केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घाेषित किये जाने वाले रामनाथ कोविंद के नाम पर यदि सर्वसम्मति बन जाती है तो वह देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले राज्य के पहले राज्यपाल होंगे. वहीं, इससे पहले वर्ष 1957 से 1962 तक बिहार के राज्यपाल रहे डॉ. जाकिर हुसैन का इस पद पर कार्यकाल समाप्त होने के बाद वर्ष 1962 में उन्हें देश का उपराष्ट्रपति चुना गया था. इसके बाद वर्ष 1967 में वह राष्ट्रपति बने थे. लेकिन, कोविंद बिहार के पहले ऐसे राज्यपाल हैं जिन्हें सीधा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार से थे. राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से सत्ता एवं विपक्ष की ओर से इस पद के उम्मीदवार के नाम को लेकर जारी अटकलबाजियों के बीच आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राजग का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया. कोविंद को 08 अगस्त 2015 को बिहार का राज्यपाल बनाया गया था. बिहार के दोनाें राज्यपाल डॉ. जाकिर हुसैन और रामनाथ कोविंद में एक समानता उनका उत्तर प्रदेश से जुड़ाव है. हालांकि डॉ. हुसैन का जन्म तत्कालीन आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में पश्तून परिवार में हुआ लेकिन बाद में उनका परिवार हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में आकर बस गया. वहीं, कोविंद का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के परौंख गांव में हुआ था. वकालत से करियर की शुरुआत करने वाले कोविंद वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बने. इसके बाद वह भाजपा नेतृत्व के संपर्क में आये. वर्ष 1994 से 2006 के बीच वह दो बार राज्यसभा सदस्य रहे. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहने के साथ ही वह दो बार भाजपा अनुसुचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाये गये. उन्होंने वर्ष 2002 में संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा में भारत का नेतृत्व किया था.

दलितों और वंचितों के लिए लड़ते रहे कोविंद अब राष्ट्रपति पद की दौड में
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजद) द्वारा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के लिए उम्मीदवार बनाये गये रामनाथ कोविंद साधारण दलित परिवार से हैं और वकालत से कैरियर की शुरूआत कर पहले संसद और फिर बिहार के राजभवन का सफर तय करते हुए देश का प्रथम नागरिक बनने की दहलीज तक पहुंचे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने आज पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी के दलित चेहरे रहे कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने की घोषणा की. उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिला के तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में 01 अक्टूबर 1945 को जन्में कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो राज्य में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है. तीन भाइयों में सबसे छोटे कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में हुई. उन्होंने डीेएवी कॉलेज से बी कॉॅम तथा डीएवी लॉ कालेज से विधि स्नातक की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में रहकर आईएएस की परीक्षा पास की लेकिन मुख्य सेवा के बजाय एलायड सेवा में चयन होने पर नौकरी ठुकरा दी. दिल्ली उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने एक दशक से भी अधिक समय तक वकालत की. बिहार के राज्यपाल की वेबसाइट के मुताबिक कोविंद दिल्ली उच्च न्यायालय में 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार के वकील रहे . कोविंद 1994 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए. वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं. सांसद रहते हुए उन्होंने सांसद निधि से उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में स्कूल के भवनों का निर्माण कराया और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में योगदान दिया. वकील के रूप में उन्होंने समाज के कमजाेर धड़े खासकर अनुसूचित जाति /जनजाति की महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता दी. वह भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष भी रहे. वर्ष 1915 में बिहार का राज्यपाल नियुक्त किये जाने से पहले वह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता थे. कोविंद का विवाह 30 मई 1974 को सविता कोविंद से हुआ और इनका एक पुत्र तथा एक पुत्री है.

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विपक्ष करें कोविद का समर्थन : योगी
बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के फैसले का स्वागत करते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विपक्षी दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दलित प्रत्याशी का समर्थन करें. योगी ने यहां पत्रकारों से कहा “ उत्तर प्रदेश की 22 करोड जनता और देश के दलितों के लिये यह सम्मान का पल है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति पद के लिये कोविद का नाम राजग के उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया है. यह सही समय है जब विपक्षी दल पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कानपुर देहात निवासी गरीब परिवार के दलित नेता का इस पद के लिये समर्थन करें.” उन्होने कहा कि योगी की उम्मीदवारी देश में नये सामाजिक आयाम स्थापित करेगी. देश के दलित समुदाय के लिये यह गौरव का क्षण है. मोदी और शाह द्वारा उत्तर प्रदेश को दिये गये इस सम्मान से वह अभिभूत हैं. सूबे से पहली बार दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति का राष्ट्रपति निर्वाचित होना बेहद गौरव का विषय है. भाजपा और राजग नेतृत्व द्वारा इस बारे में उनसे सलाह लेने संबंधी एक सवाल पर योगी ने कहा कि आधिकारिक घोषणा से पहले पार्टी ने उनके साथ बातचीत की थी. कोविद आठ अगस्त 2015 से बिहार के राज्यपाल है. वह भाजपा का बडा दलित चेहरा है. कोरी जाति से ताल्लुक रखने वाले कोविद उत्तर प्रदेश के बडे दलित नेताओं में एक रहे हैं.

वसुंधरा ने कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का किया स्वागत
जयपुर. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के निर्णय का स्वागत किया है. राजे ने कहा कि संवैधानिक मामलों के जानकार कोविंद के राष्ट्रपति बनने से देश को उनकी दूरदर्शिता और संविधान की गहरी समझ का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कोविंद ने राजनीतिक जीवन में समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अथक परिश्रम किया और एक साधारण परिवार से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी तक का सफर तय किया है. वह समाज के वंचित वर्ग को अधिकार दिलाने एवं उनके सशक्तीकरण के प्रखर पैरोकार रहे हैं. उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद का अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

 

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