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मंदसौर किसान मौत के जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई: कांग्रेस

नयी दिल्ली/भोपाल/शिवपुरी. कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के मंदसौर में आन्दोलनरत छह किसानों की पुलिस फायरिंग में हुई मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार को मंदसौर में छह जून को किसानों पर फायरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके. किसानों की मांगों के समर्थन में 72 घंटे का सत्याग्रह करने के बाद मध्यप्रदेश से लौटे श्री सिंधिया ने आन्दोलन से जुडे लोगों को जेलों से रिहा करने की भी मांग की. कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी ने सत्याग्रह के दौरान किसानों के साथ मिलकर एक मांग पत्र तैयार किया है और उसी के आधार पर वह इस मुद्दे पर आगे भी अभियान जारी रखेगी. किसानों का कर्ज माफ करने की पुरजोर मांग करते हुए सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना है कि किसानों की रिण माफी कोई मुद्दा नहीं है . उन्होंने सवाल किया कि यदि रिण माफी कोई मुद्दा नहीं है तो राज्य में पिछले दस दिनों में 13 तथा पिछले एक वर्ष में 1932 किसानों ने आत्महत्या क्यों की . आत्महत्या करने वाले 13 में किसानों में से चार मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र बुधनी के ही हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश के किसानों की रिण माफी हो सकती है तो मध्यप्रदेश के किसानों को यह राहत क्यों नहीं दी जा रही है. केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार पर किसान- विरोधी होने का अारोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कारपोरेट घरानों का ढाई लाख करोड रूपये का कर्ज माफ कर सकती है लेकिन किसानों को फायदा देने में उसने चुप्पी साध रखी है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 प्रतिशत की कमी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल सरकार किसानों का कर्ज माफ करने में क्यों नहीं कर लेती. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में ‘हर किसान का कर्जा माफ करने ’का वादा करने वाली मोदी सरकार ‘किसान मुक्त भारत ’बनाने की दिशा में काम कर रही है. किसानों और कृषि की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के चार प्रतिशत के मुकाबले मोदी सरकार के कार्यकाल में कृषि विकास दर 1.7 प्रतिशत पर आ गयी है.

सरकार को विरोध बर्दाश्त नहीं हो रहा – अजय सिंह
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज आरोप लगाया कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को विरोध बर्दाश्त नहीं हो रहा. नेता प्रतिपक्ष कार्यालय से यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार सिंह ने आरोप लगाया कि विदिशा क्षेत्र के नाबालिग बालक द्वारा फेसबुक पर किसानों के हित और सरकार के खिलाफ पोस्ट करने पर सरकार उसके विरुद्ध आतंकवादियों जैसा व्यवहार कर रही है. उन्होंने दावा किया कि नाबालिग को गिरफ्तार करने के लिए दो थानों के एक दर्जन पुलिस जवानों को भेजा गया था. सिंह ने कहा कि यह गंभीर मामला है. बच्चों के मामा बने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने भांजे का सच बोलना रास नहीं आया. उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मध्यप्रदेश में अब सरकार के खिलाफ बोलना राजद्रोह की श्रेणी में आ गया है.

विदिशा में तीन बेटियों के किसान पिता ने लगाई फांसी, सीहोर में भी किसान झूला फंदे पर
मध्यप्रदेश के तीन जिलों में आज सुबह से दो किसानों ने विभिन्न कारणों से मौत को गले लगा लिया. वहीं एक और किसान ने ऐसा करने की कोशिश की. विदिशा जिले के करारिया थाना क्षेत्र के सायर बामोरा गांव में आज सुबह एक किसान का शव उसके ही खेत में एक पेड़ पर फांसी पर झूलता मिला. परिजन का आरोप है कि करीब 10 बीघा जमीन का मालिक किसान जीवन सिंह मीणा (35) बैंक के कर्ज से परेशान था, जिसके चलते उसने रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खेत पर फांसी लगा ली. हालांकि प्रशासन इसे पारिवारिक कारणों से होना बता रहा है. तहसीलदार संतोष बिटोलिया ने कहा कि मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसान का अपनी पत्नी से विवाद हुआ, जिसके बाद ये घटना हुई. हालांकि परिजन का कहना है कि तीन बेटियों के पिता जीवन सिंह मीणा पर बैंक का बहुुत कर्ज था. उसने अपने खेत बंटाई पर दे दिए थे, जिसके चलते आर्थिक संकट था. किसान का शव गांव से जिला अस्पताल ले जाया गया है. वहीं सीहेार जिले के दोराहा थाने के जमोनिया खुर्द ग्राम के किसान बंशीलाल ने रविवार देर रात अपने घर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है. हरदा जिले में भी हंडिया थाना क्षेत्र के गांव बेड़ी में आज एक किसान ने कीटनाशक पी लिया. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसान ने नशे की हालत में ये कदम उठाया, उसके होश में आने के बाद ही कारणों का खुलासा हो सकेगा. वहीं नीमच जिले के पिपलिया व्यास गांव में कल एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस सूत्रों के अनुसार प्यारेलाल ओढ़ (60) ने अपने खेत पर नीम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी. बताया गया कि उसकी बहू ने कुछ दिनों पूर्व रिपोर्ट कर दहेज़ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था. अभी स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हुआ है.

असामाजिक तत्वों के आंदोलन में शामिल होने से हुई मंदसौर की घटना: अर्चना चिटनिस
मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने आज कहा कि किसान आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्वों के मिलने से मंदसौर की घटना हुई, हालांकि इसमें कुछ कमी हमारी भी रही. शिवपुरी की प्रभारी मंत्री श्रीमती चिटनिस ने आज यहां संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि मंदसौर की घटना कुछ असामाजिक तत्वों के आंदोलन में शमिल हो जाने के कारण हुई है, हालांकि इसमें कुछ कमी हमारी भी रही. अब पूरा मामला जांच में है और उसमें सब सामने आ जायेगा. एक अन्य सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि शिवपुरी एवं श्योपुर जिले में कुपोषण दूर करने के लिए उनके विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है. कई योेजनाओं संचालित की गई है. सभी जगह शुद्ध पानी एवं भाेजन मिलता रहे, इसके लिए संबंधित विभागों में अच्छा तालमेल बैठाने के लिए उनके द्वारा प्रयास किये जा रहे है. उन्होंने कहा कि इस क्रम में आज श्योपुर जिले में बैठक ली जा रही है, जिसके बाद शिवपुरी में भी बैठक ली जायेगी.

किसानों की आत्महत्या मामले में राज्य सरकार ने स्पष्ट की स्थिति
मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों की आत्महत्या के मामले पर राज्य सरकार ने आज स्थिति स्पष्ट की है. इसमें बताया गया है कि सभी किसानों के बैंक खाते नियमित थे. यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार नीमच, विदिशा और सीहोर में किसानों की आत्महत्या के संबंध में संबधित जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त हो गए हैं. नीमच जिले के पिपल्याव्यास गांव में प्यारेलाल नामक किसान ने कल फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. नीमच कलेक्टर के प्रतिवेदन के अनुसार प्यारेलाल के दो बैंक खाते हैं और दोनों नियमित हैं. वह डिफॉल्टर नहीं है. कलेक्टर ने लिखा है कि उसकी बहू ने प्यारेलाल, उसकी पत्नी और उसके पुत्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था. कुछ परिजन के अनुसार इस प्रकरण में पुलिस पूछताछ कर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या की है. कलेक्टर के अनुसार इस मामले में 20 हजार रुपए की सहायता राशि परिजन को दी गई है और प्रकरण की दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए गए हैं. विदिशा जिले के बमौरा गांव में आज सुबह जीवन सिंह ने खेत में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. इस संबंध में तहसीलदार के प्रतिवेदन अनुसार जीवन बैंक का नियमित खातेदार था और समय पर ऋण राशि जमा करता था. उसे बैंक ने कभी कोई नोटिस जारी नहीं किया. उसने पारिवारिक विवाद के कारण आत्महत्या की है. सीहोर जिले की श्यामपुर तहसील के जमोनियाखुर्द गांव के किसान बंशीलाल ने आज तड़के चार बजे घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की है. तहसीलदार के प्रतिवेदन के अनुसार बंशीलाल के दो बैंक खाते हैं और दोनों नियमित हैं.

शिवराज अब उपवास नहीं वनवास की तैयारी करें – अजय सिंह
सागर. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंदसौर में किसानों की मौत के बाद किए उपवास पर तंज कसते हुए कहा कि वे अब उपवास की नहीं वनवास की तैयारी करें. सिंह ने सागर जिला कांग्रेस द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित महापंचायत एवं कलेक्टाेरेट के घेराव प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते यह तंज कसा. उन्होंने कहा कि उपवास एक नौटंकी था, जिसकी हकीकत मीडिया के जरिए सामने आ गई है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंदसौर की घटना में कांग्रेस कहीं से शामिल नहीं थी, लेकिन पार्टी किसानों की वाजिब मांगों के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी. उन्होंने जिले के मंत्रियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक की रुचि होटलों में और दूसरे की अस्पताल में है, जनता की समस्याओं से उन्हें कोई लेना देना नहीं है. सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने अवैध रेत उत्खनन पर निशाना साधते हुए कहा कि 13 वर्ष की भाजपा सरकार ने मां नर्मदा को पूरा खोखला कर दिया है. अब 2018 के विधानसभा चुनाव में सरकार इस पाप को भुगतेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व किसान हित के कई वादे किए थे लेकिन वह सब केवल घोषणाएं बनकर रह गई. इसलिए किसान आज उद्वेलित और आंदोलित है. सभा के बाद राज्यपाल के नाम के ज्ञापन का वाचन किया गया. बाद में कांग्रेसी पीली कोठी के नजदीक पहुंचे जहां पुलिस प्रशासन ने पहले ही बेरीकेड्स लगा रखे थे. यहां भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन और युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने बेरीकेड तोड़ने का प्रयास किया. कार्यकर्ताओं को उग्र देख कर सिंह ने उन्हें शांत करने के लिए डपट दिया. नेता प्रतिपक्ष ने भोपाल में जारी एक विज्ञप्ति में इसके बारे में सफाई भी दी है. उन्होंने कहा है कि यह हमारे परिवार का मामला है. कुछ कार्यकर्ता काफी उग्र हो रहे थे, हमने उन्हें रोका. इसको लेकर कहीं कोई दुर्भावना नहीं है. कांग्रेस हमेशा शांतिपूर्ण विरोध की पक्षधर रही है. बाद में कलेक्टर विकास नरवाल और पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने यहां पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन लिया.

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