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योगी की अधिकारियों को हिदायत, कानून व्यवस्था हर हाल में रहे दुरुस्त

Mar 20 • देश, मुख्य समाचार • 1 Views • No Comments on योगी की अधिकारियों को हिदायत, कानून व्यवस्था हर हाल में रहे दुरुस्त

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नयी दिल्ली/लखनऊ/गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अधिकारियों से राज्य की कानून व्यवस्था हर हाल में चुस्त दुरुस्त रखने की सख्त हिदायत देते हुए आज कहा कि इसमें ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. योगी के निर्देश पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पाण्डा और पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से वीडियोकान्फ्रेंसिंग के जरिये इस सम्बन्ध में बात की. अपराधों पर अंकुश रखने के निर्देश दिये और कहा कि अपराधियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाए. सूबे के दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलों के अधिकारियों से अपराधों के प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ शांति एवं व्यवस्था को हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुये इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है. उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि आम लोगों को सुरक्षा की भावना का एहसास होना चाहिए तथा जनता के प्रति पुलिस संवेदनशील बने. उन्होंने कहा है कि जनता के प्रति समर्पित वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए कार्य करेगी और इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाया जाएगा. पाण्डा ने अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था को निर्देशित किया है कि वह पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए की गयी कार्रवाई के लिए जिलो से एक निर्धारित प्रारूप पर सूचनाएं मंगाना सुनिश्चित करें. साथ ही गुण्डों, माफियाओं एवं अपराधियों की सूची बनाकर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाये. इस कार्य की नियमित समीक्षा भी की जाये. प्रमुख सचिव गृह ने पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु की घटनाओं पर वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द हर हालत में सुनिश्चित किया जाये इसके लिये शांति समितियों की बैठकें कर लोगों से जरूरी संवाद भी किया जाये. सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. उन्होंने कहा कि पुलिस अपने व्यवहार एवं कार्यशैली को दुरूस्त कर आम जनता में अपनी बेहतर छवि प्रदर्शित करे. वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रदेश में छोटी से छोटी घटनाओ पर कड़ी नजर रखी जाये और समय रहते उसमें प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये ताकि घटना को बड़ा रूप लेने से रोका जा सके और इसमें किसी भी प्रकार शिथिलता क्षम्य नहीं होगी. अपराध पंजीकरण में किसी भी प्रकार के भेदभाव एवं लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई की जायेगी. महिला उत्पीड़न की घटनाओं विशेषकर छेड़खानी एवं चेन स्नेचिंग को सख्ती से रोका जाये और इसके लिये यूपी-100 की गाड़ियों की सहायता भी ली जाये. गोकशी की घटनाओ पर सख्ती से रोक लगायी जाये और ऐसी घटनाएं प्रकाश में आने पर थानाध्यक्ष के साथ-साथ क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जायेगी. जघन्य अपराधों को रोकने में विफल रहने पर थानाध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ जिम्मेदार पुलिस अधिकारियो के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी. लम्बित विवेचनाओं को विशेष अभियान चलाकर निस्तारित किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं. सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखते हुये उस पर आ रही सामग्री की लगातार समीक्षा करने एवं आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई कर उसकी जानकारी लोगों को देने के निर्देश प्रदेश के सभी रेंज डीआईजी एवं पुलिस अधिकारियो को दिये गये हैं ताकि शरारती तत्व किसी भी प्रकार से सांप्रदायिक सौहार्द एवं सद्भाव को नुकसान न पहुंचा सके. इसके अलावा बेहतर मीडिया प्रबंधन पर बल देते हुये निर्देश दिये गये हैं कि मीडिया से समन्वय बनाकर कार्य किया जाये और घटनाओं की सही एवं त्वरित जानकारी मीडिया को दी जाये. पुलिस महानिदेशक अहमद ने बताया कि सीसीटीएनएस के सहयोग से क्राइम मैपिंग द्वारा प्रदेश भर में विभिन्न प्रकार के अपराधों पर कड़ी नजर रखने की व्यवस्था पुलिस मुख्यालय द्वारा की गयी है और संबंधित जिलों को इस संबंध में समय-समय पर आवश्यक मार्ग दर्शन एवं निर्देश भी दिये जा रहे हैं. उन्होंने जिले के पुलिस प्रभारियों से कहा है कि वह स्थानीय स्तर पर होने वाले अपराधों पर कड़ी नजर रखने एवं उनकी समय रहते रोकथाम के लिए स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करें. वाहन चोरी की घटनाओ पर कड़ी नजर रखने के लिए ‘‘एंटी आॅटो थेप्ट स्कॉयड’’ बनाने के लिये भी कहा गया है. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि थाने में अपराध के प्रकार को गम्भीरता से लिया जाये और उसमें बिना किसी भेदभाव के तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. उन्होंने यह भी कहा है कि यदि किसी भी थाने में दलाल या कारखास होने की जानकारी उनके संज्ञान में आती है तो संबंधित के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. इस अवसर पर गृह सचिव, मणि प्रसाद मिश्रा एवं कमल सक्सेना के अलावा अपर पुलिस महानिदेशक, रेलवे गोपाल गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक अपराध, भगवान स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना आर.के. चतुर्वेदी उपस्थित थे. वीडियो कांफ्रेंसिंग में दूसरी ओर प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त एवं डीआईजी तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया.

सौ दिन का एजेंडा तैयार कर रहे है: मौर्य

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राज्य की नयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सौ दिन का एजेंडा तैयार कर रही है और जल्द ही वह चुनावों में किये गये वादों पर अमल शुरू कर देगी. उत्तर प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री की कल शपथ लेने वाले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मौर्य ने कहा कि सौ दिन के एजेंडे में पार्टी के चुनाव संकल्प पत्र के उन सभी प्रमुख मुद्दों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है. राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कल ही शपथ ग्रहण की है और अभी मंत्रियों को विभागों का बंटवारा नहीं हुआ है. मौर्य ने आज एक टेलीविजन चैनल के साथ बातचीत में कहा कि सौ दिन के इस एजेंडे में राज्य में बूचड़खानों को बंद करना, किसानों की कर्ज माफी, महिला सुरक्षा और गन्ना किसानों की समस्याओं समेत अन्य सभी प्रमुख मुद्दे शामिल किये जायेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य विभानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो मंत्रिमंडल की पहले ही बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ कर दिया जायेगा. राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति भी अहम है. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की समस्या प्रमुख मुद्दे हैं. सरकार पार्टी के चुनावी वादे के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाॅयड का गठन जल्द ही करेगी. उन्होंने कल इलाहाबाद में बहुजन समाज पार्टी के नेता की हत्या पर दु:ख जताते हुए कहा कि अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार की उदारता नहीं बरती जायेगी और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के साथ सरकार सख्ती से पेश आयेगी. बातचीत में अप्रैल के पहले सप्ताह में विधानसभा सत्र बुलाये जाने का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा कि हृदय नारायण दीक्षित राज्य विभानसभा के अध्यक्ष होंगे.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के कसे पेंच
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अधिकारियों से कानून व्यवस्था चुस्त दुरूस्त करने और विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के आज निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने अतिविशिष्ट अतिथि गृह में अधिकारियों को बुलाकर उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संकल्प पत्र को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी कहा. कानून व्यवस्था को किसी भी सूरत में नियंत्रित रखने का आदेश दिया. उनसे सुबह मुख्य सचिव राहुल भटनागर, पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद, गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पाण्डा और सूचना विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने मुलाकात की. योगी अपने दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ अपराह्न तीन बजे अधिकारियों के साथ लोक भवन में बैठक करेंगे. इसके बाद मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ राजभवन जायेंगे. राज्यपाल राम नाईक ने मंत्रिमंडल को स्वल्पाहार पर आमंत्रित किया है. इस बीच, गोरखपुर और इलाहाबाद से आयी साधु-सन्तो की टोली मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर हवन पूजन कर रही है. वहां चल रही तैयारियों से लगता है कि योगी जल्द ही अपने सरकारी आवास मे रहने लगेंगे.

योगी के मुख्यमंत्री बनने पर गोरखपुर के मुस्लिम खुश
गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ भले ही हिन्दुत्व के फायरब्रान्ड नेता हो लेकिन गोरखपुर के मुस्लिम उनके मुख्यमंत्री बनने से खुश हैं. योगी आदित्यनाथ ने अनेक अवसरों पर गोरखपुर तथा आसपास के बेसहारा मुस्लिम परिवारों की मदद करके भेद-भाव रहित भावना का परिचय दिया है. यही कारण है कि गोरखनाथ मंदिर परिसर तथा आस पास के मुस्लिम दुकानदारों में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर अपार हर्ष है. इसी क्रम में गोरखनाथ मंदिर परिसर में पिछले 25 वर्षों से अपनी दुकान लगा रखे मुल्ला जी चूडी वाले, मुस्तखीन विशाता, हजरत अली, इम्तियाज अली, अमन तुल्ला और मुस्ताक अहमद ने बताया कि विगत 20 से 25 वर्षों से वे लोग चूडी, सिन्दूर और विशाते के समानों की दुकाने लगाये हुए हैं. योगीजी ने हमेशा उन लोगों को संरक्षण दिया है और कभी कोई विषम परिस्थित भी आयी है तो उन्होंने हमेशा उन लोगों के लिए वे यथोचित सहायता प्रदान की है. अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मंत्री अफजल अहमद, मानवाधिकार समिति के गोरखपुर जिला अध्यक्ष मोहम्मद रजी और मोतवल्ली वक्फ दरगाह के सैयद सालार और मोहम्मद इस्लाम हासमी ने भी योगी को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर गंगा जमुनी तहजीब को और भी मजबूती मिलने की उम्मीद जतायी है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को बधायी दी है. अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से अब स्वच्छ प्रशासन और भेदभाव रहित शासन की स्थापना होगी.

उ.प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर आदित्यनाथ का चयन चिंताजनक: चांडी
कोझिकोड. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री उम्मन चांडी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह कट्टर विचारधारा वाले शख्स हैं. चांडी ने यहां पत्रकारों से कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ की नियुक्ति होने पर चिंता होना स्वाभाविक है क्योंकि उनके विचार धर्मनिरपेक्ष मान्यताओं के विपरीत हैं. इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य भी नहीं हैं. गाेवा और मणिपुर में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद भी सरकार नहीं बना पाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने वहां जो किया वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से वोटों की गिनती पूरी होने से पहले ही चारों राज्यों में सरकार बनाने का एलान करना यह दिखाता है कि उन्होंने इसके लिये पहले से ही योजना बना रखी थी.

योगी बिना भेदभाव काम करके जनअपेक्षाओं में खरा उतरेंगे : सपा
समाजवादी पार्टी(सपा) ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) को शासन-प्रशासन चलाने का दायित्व सौंपा हैं,उम्मीद है कि नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए गंभीरता, शालीनता और पारदर्शिता के साथ बदले की भावना छोड़कर प्रदेश का विकास करेंगे. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से अपनी पहली मुलाकात में ही सपा सरकार के बारे में जो बयान दिए हैं वे पूर्णतः तथ्यहीन और निराधार हैं. उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश यादव के नेतृत्व की सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के पिछड़ जाने और भ्रष्टाचार और परिवारवाद का जो आरोप लगाया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि बिना राग द्वेष और भय पक्षपात के काम करने की शपथ लेने के बावजूद वे इन बुराईयों से मुक्त नहीं हो सके हैं. उन्होने कहा कि योगी सपा सरकार के कामों की जो आलोचना कर रहे हैं तो वास्तविकता से दूर है. इस बात से ही साबित होता है कि नई सरकार के शपथ ग्रहण में दिल्ली और आगरा से लखनऊ तक आने वाले लोगों को एक्सप्रेस-वे की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते देखा गया. भाजपा मंत्रिमण्डल तथा विधायक दल की बैठक भी लोक भवन में हुई जिसका निर्माण अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में हुआ. भाजपा के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री को पिछली सरकार के भ्रष्टाचार की बात करने से पहले जान लेना चाहिए था कि एक भी ऐसा आरोप आज तक सपा सरकार पर नहीं लगा है. विधानसभा के दोनों सदनों के विपक्ष के नेता अखिलेश यादव की प्रशंसा करते थे. विधानमंडल की कार्यवाहियों में जिसका रिकार्ड मौजूद है. यादव की बेदाग छवि रही है. उनके कार्यकाल में जनहित की जो योजनाएं लागू की गई उनका अनुसरण करने को दूसरे राज्य मजबूर हुए हैं. भाजपा के संकल्पपत्र में तमाम योजनाएं सपा सरकार के कामों की छायाप्रति ही है.

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