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वावरिंका काे हरा फेडरर पांचवीं बार बने चैंपियन

Mar 20 • खेल • 1 Views • No Comments on वावरिंका काे हरा फेडरर पांचवीं बार बने चैंपियन

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इंडियन वेल्स. अपनी पुरानी सुनहरी फार्म में दिखाई दे रहे स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर ने एक बार फिर हमवतन स्टेनिसलास वावरिंका पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुये यहां इंडियन वेल्स टेनिस टूर्नामेंट में अपना रिकार्ड संयुक्त पांचवां खिताब हासिल कर लिया है. 35 वर्षीय फेडरर ने वावरिंका को लगातार सेटों में 6-4 7-5 से हराया और पांचवीं बार यहां खिताब जीता. वह इसी के साथ इंडियन वेल्स का खिताब पाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गये हैं. छह महीने की चोट के बाद वापसी करने और फिर जनवरी में आस्ट्रेलियन ओपन के जरिये अपना 18वां ग्रैंड स्लेम जीतने वाले फेडरर ने इंडियन वेल्स में कमाल का प्रदर्शन किया अौर बिना एक भी सेट गंवाये फाइनल तक पहुंचे. आस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में भी वह वावरिंका से भिड़े थे जहां उन्होंने जीत दर्ज की थी और इस बार भी वावरिंका कोई अपवाद साबित नहीं हो पाये. दो ग्रैंड स्लेम चैंपियनों के बीच इस हाईवोल्टेज मुकाबले में दोनों करीबी दोस्त ओपनिंग सेट में 5-4 के स्कोर पर फिर 10वें गेम तक सर्विस करते रहे जहां फेडरर ने 21 शॉट की रैली के बाद वावरिंका को हराया. इंडियन वेल्स के फाइनल में पहली बार पहुंचे 31 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे सेट में बेहतर खेल दिखाया और सर्विस बचाकर 2-0 की शुरूआती बढ़त ली. लेकिन फेडरर ने अगले तीनों गेम जीते और वावरिंका की 12वें गेम में सर्विस ब्रेक कर 80 मिनट में मैच निपटा दिया. फेडरर अब सर्बिया के नोवाक जोकोविच के बराबर पहुंच गये हैं जिन्होंने पांच बार यहां खिताब जीता है. लेकिन साथ ही फेडरर इंडियन वेल्स को जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गये हैं. उन्होंने इस मामले में जिमी कोनोर को पीछे छोड़ दिया है जिन्होंने 1984 में 31 साल की उम्र में यहां ट्राफी जीती थी. वावरिंका अपने पहले खिताब से चूकने पर कुछ दुखी दिखाई दिये लेकिन दर्शकों ने उनका अभिवादन किया. फेडरर ने जीत के बाद कहा“ जब गत वर्ष मैं यहां नहीं आ सका था तो दुखी था लेकिन इस बार यहां आकर और जीतकर बहुत खुश हूं. मेरे लिये यह सप्ताह बेहतरीन रहा है. मैं अभी खेल में फिर से वापसी की कोशिश कर रहा हूं और उम्मीद है कि मैं ऐसा खेल जारी रख सकूं.” उन्होंने कहा“ मैं यहां 17 वर्ष पहले पहली बार आया था तो ऐसे में यहां वापिस आकर और खिताब जीतकर अच्छा लग रहा है. मैं शब्दों में नहीं कह सकता कि यह जीत मेरे लिये कितने मायने रखती है.”

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