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रांची टेस्ट ड्रा, धर्मशाला में होगी निर्णायक जंग

Mar 20 • क्रिकेट • 2 Views • No Comments on रांची टेस्ट ड्रा, धर्मशाला में होगी निर्णायक जंग

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रांची. पीटर हैंड्सकोंब(नाबाद 72) और शॉन मार्श(53) की जुझारू पारियों की बदौलत आस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ तीसरा टेस्ट साेमवार काे ड्रा करा लिया. अास्ट्रेलिया ने पांचवें अाैर अंतिम दिन मैच ड्रा समाप्त हाेने तक दूसरी पारी में 100 अाेवर में छह विकेट पर 204 रन बनाये अाैर टीम इंडिया की बढ़त हासिल करने की उम्मीदाें काे ताेड़ दिया. तीसरा टेस्ट ड्रा समाप्त हाेने के बाद अब दाेनाें टीमें अब 1-1 की बराबरी पर हैं. सीरीज का फैसला अब धर्मशाला में 25 मार्च से होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट से होगा. यदि भारत धर्मशाला में जीतता है तो वह गावस्कर-बार्डर ट्राफी पर कब्जा कर सकेगा लेकिन यदि आस्ट्रेलिया जीता या मैच ड्रा करा गया तो गावस्कर-बार्डर ट्राफी उसके कब्जे में रहेगी. भारत को रांची टेस्ट जीतने की पूरी उम्मीद थी जब उसने सुबह के सत्र में आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ को निपटाने के साथ ही लंच तक मेहमान टीम के चार विकेट 83 रन तक गिरा दिये थे. लेकिन मार्श और हैंड्सकाेंब ने जुझारू प्रदर्शन करते हुये पांचवें विकेट के लिये 124 रन की बहुमूल्य साझेदारी कर मैच को ड्रा की ओर धकेल दिया. वर्ष 2010-11 के बाद यह पहला मौका है जब किसी मेहमान टीम ने भारत में पहली पारी में पिछड़ने के बाद मैच ड्रा करा लिया. मैच ड्रा कराने का श्रेय पूरी तरह दो बल्लेबाजों को जाता है जिन्होंने धैर्य और संयम का नमूना पेश करते हुये भारतीय गेंदबाजों को हावी होने से रोक दिया. मार्श ने 197 गेंदें खेलकर 53 रन में सात चौके लगाये जबकि हैंड्सकोंब ने 200 गेंदें खेलकर नाबाद 72 रन में सात चौके लगाये. मार्श और हैंड्सकोंब के बीच पांचवें विकेट के लिये 124 रन की साझेदारी 62.1 ओवर में बनी. इसी तथ्य से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों बल्लेबाजों ने अपना विकेट बचाये रखने के लिये कितना जबरदस्त संघर्ष किया. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने तमाम कोशिशें कीं लेकिन इस साझेदारी को तोड़ने में उन्हें नाकामी हाथ लगी. लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने 92वें अाेवर में जब मार्श काे अाउट कर इस साझेदारी को तोड़ा तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मार्श का विकेट 187 के स्कोर पर गिरा. दूसरी पारी में अपने पहले विकेट के लिये तरस रहे स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को तीन रन बाद ही आखिर सफलता हाथ लग गयी जब उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल (दो) को मुरली विजय के हाथों कैच करा दिया. विजय ने ही मार्श का कैच भी लपका. मैक्सवेल का विकेट जब गिरा तो आस्ट्रेलियाई पारी का 95वां ओवर चल रहा था और 100 ओवर पूरे होते ही दोनों कप्तान ड्रा के लिये सहमत हो गये. यह टेस्ट मैच नाटकीय उतार चढ़ाव से भरपूर रहा जिसमें भारतीय टीम ने अपना दबदबा तो बनाया लेकिन अंतिम दिन के आखिरी दो सत्र में टीम इंडिया आस्ट्रेलिया की दृढ़ता में सेंध नहीं लगा पाई. भारत के लिये मैच में सबसे सफल गेंदबाज रहे जडेजा ने दूसरी पारी में 44 ओवर में 18 मैडन रखते हुये मात्र 54 रन दिये अौर चार विकेट हासिल किये. जडेजा ने इस तरह मैच में कुल नौ विकेट लिये. उन्होंने पहली पारी में 49.3 ओवर में 124 रन पर चार विकेट लिये थे. जडेजा ने ही भारत को सुबह महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई. जडेजा ने विपक्षी कप्तान स्मिथ और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने मैट रेनशॉ के रूप में महत्वपूर्ण विकेट निकालकर आस्ट्रेलिया को संकट में डाल दिया. आस्ट्रेलिया ने सुबह मैच के शुरूआती एक घंटे तक कोई विकेट गिरने नहीं दिया और कल के दूसरी पारी में 23 रन पर दो विकेट से आगे अपनी पारी को नियंत्रित ढंग से आगे बढ़ाया. नाबाद बल्लेबाज रेनशा ने सात रन से आगे खेलना शुरू किया और दूसरे छोर पर कप्तान स्मिथ ने उनके साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिये 21.2 ओवर में 36 रन की साझेदारी निभाई. हांलाकि फिर से काफी फिट दिखाई दे रहे कप्तान विराट कोहली गेंदबाजों का हौसला बढ़ाते रहे. भारत को दिन का पहला विकेट निकालने के लिये 21 ओवर का लंबा इंतजार करना पड़ा. लेकिन दिल्ली के इशांत ने 29वें ओवर में रेनशॉ को पगबाधा कर आस्ट्रेलिया को 59 रन के मामूली स्कोर पर तीसरा झटका दे दिया. रेनशॉ ने 84 गेंदाें की पारी में एक चौका लगाकर 15 रन बनाये. इसके अगले ओवर की पहली ही गेंद पर जडेजा ने पहली पारी के शतकधारी स्मिथ (21) को बोल्ड कर भारत को अहम विकेट दिला दिया. जडेजा की मिडल और लेग स्टम्प पर पड़ी गेंद पर स्मिथ ने अपना बल्ला हवा में उठा दिया और गेंद टर्न लेकर उनका ऑफ स्टम्प ले उड़ी. स्मिथ बोल्ड होने के बाद कुछ देर तो हतप्रभ रह गये जबकि भारतीय खेमे में जश्न छा गया. जडेजा ने स्मिथ को उसी अंदाज में बोल्ड किया जिस तरह उन्होंने नाथन लियोन को कल बोल्ड किया था. भारत और आस्ट्रेलिया के बीच मौजूदा सीरीज में चल रही खींचातानी के केंद्र बिंदु स्मिथ दूसरी पारी में दबाव में आ गये और 68 गेंदों में दो चौके लगाकर 21 रन ही बना पाये. दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज ने पहली पारी में नाबाद 178 रन बनाये थे. आस्ट्रेलिया का चौथा विकेट 63 के स्कोर पर गिरा. लंच के समय मार्श 15 और हैंड्सकोंब चार रन पर नाबाद थे. दोनों ने लंच के बाद दूसरे सत्र में धीमी गति से बल्लेबाजी करते हुये 66 रन जोड़े. चायकाल के समय आस्ट्रेलिया का स्कोर चार विकेट पर 149 रन पहुंच चुका था. तब मार्श 38 और हैंड्सकोंब 44 रन बना चुके थे. चायकाल के बाद भारत ने हैंड्सकोंब के खिलाफ रिव्यू लिया लेकिन यह खारिज हो गया. हैंड्सकोंब ने अपना अर्धशतक 126 गेंदों पर पूरा कर लिया. भारत ने 81वें ओवर में दूसरी नयी गेंद ली और 83वें ओवर में मार्श के खिलाफ भारत का रिव्यू भी खारिज हो गया. मार्श ने अपना अर्धशतक 190 गेंदों में पूरा किया. ऑफ स्पिनर अश्विन का विकेटों के लिये संघर्ष भारत की उम्मीदों पर खासा भारी पड़ा. जडेजा को दूसरे छोर से कोई सहयोग नहीं मिला और आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज अपनी स्थिति सुधारते चले गये. अश्विन ने पहली पारी में 34 ओवर में 114 रन पर एक विकेट लिया था और दूसरी पारी में उन्हें 30 ओवर में 71 रन पर एक विकेट मिला. उमेश यादव 15 ओवर में 36 रन देकर कोई विकेट नहीं निकाल पाये. इशांत को 11 ओवर में 30 रन पर एक विकेट मिला. भारत की पहली पारी में शानदार 202 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा को मैन आफ द मैच घोषित किया गया. इस मैच में कोई विवाद तो नहीं हुआ लेकिन दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक दूसरे पर छींटाकशी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. अब सीरीज का फैसला धर्मशाला में जाकर होगा.

टीम इंडिया को चीयर करने पहुंचे धोनी
पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विजय हजारे ट्राफी की अपनी जिम्मेदारी से आराम के बाद सोमवार को रांची के जेएससीए स्टेडियम में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच देखने पहुंचे. भारत और आस्ट्रेलिया के बीच यहां रांची में तीसरे टेस्ट का सोमवार को अाखिरी दिन है. झारखंड के घरेलू खिलाड़ी धोनी विजय हजारे टूर्नामेंट में राज्य की टीम के कप्तान थे लेकिन झारखंड एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में जगह नहीं बना सकी. वर्ष 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके धोनी फिलहाल वनडे और ट्वंटी 20 प्रारूप में ही खेल रहे हैं. लेकिन उन्होंने इस प्रारूप में भी अपनी कप्तानी छोड़ दी है और अब विराट कोहली तीनों प्रारूपों की कप्तानी कर रहे हैं. रांची में टीम इंडिया की हौसला अफजाई करने पहुंचे धोनी की तस्वीर बीसीसीआई ने भी साझा की. रांची में जन्मे धोनी राज्य के सबसे प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं और कोच अनिल कुंबले सहित कमेंटेटर भी लगातार उम्मीद जता रहे थे कि धोनी अपने राज्य में हो रहे मैच को देखने के लिये यहां पहुंचे. यह भी पहला मौका है जब जेएससीए स्टेडियम में टेस्ट मैच आयोजित किया गया है.

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