0.00

फांसी से बचे दो आरोपियों  को नरबलि के ही दूसरे मामले में फांसी की सजा

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कल नरबलि के एक मामले में जिन दो आरोपियों की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला था, आज उन्हें नरबलि के ही एक अन्य मामले में फांसी की सजा सुनाई है. दोनों मामले रुंआबांधा भिलाई के ही हैं और फैसला एक-एक दिन के अंतराल में आया है.रूआबांधा, भिलाई में 2 वर्षीय बालक के नरबलि मामले में सजा काट रहे आरोपियों में 2 आरोपियों की हाईकोर्ट ने जिला सत्र न्यायालय व्दारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए फांसी की सजा सुनाई है तथा 3 आरोपियों की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया है. जबकि दो को दोष मुक्त किया गया है. भिलाई के रूंआबांधा इलाके में यादव परिवार के 2 वर्षीय बालक की 30 नवंबर 2010 को गला काटकर नरबली दे दी गई थी. पुलिस मामले की जांच करते हुए 7 आरोपियों को पकड़ने में सफल रही जबकि एक फरार हो गया था. पकड़े गए आरोपियों में किरण यादव, ईश्वरी यादव, निहालुद्दीन उर्फ खान बाबा, राजेंद्र कुमार बहरा, हेमंत साहू, सुखबीर यादव, महानंद ठेठवार को दुर्ग सत्र न्यायालय व्दारा 27 मार्च 2014 को फांसी की सजा सुनाई थी. जिसके बाद इन आरोपियों ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता बी.पी. सिंह के माध्यम से अपील की. वहीं अधिवक्ता एच.एन. झा ने विधिक प्राधिकरण की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी की. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस व संजय के. अग्रवाल के बेंच में चली. कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाते हुए 2 वर्षीय बालक के नरबली मामले में किरण यादव व ईश्वरी यादव को फांसी की सजा तथा निहालुद्दीन उर्फ खान बाबा, हेमंत साहू, सुखबीर यादव को फांसी की सजा को आजीवन कारावास के रूप में तब्दील करने का फैसला सुनाया है. वहीं राजेंद्र कुमार बहरा व महानंद ठेठवार को दोष मुक्त किया गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *