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सीएम के सख्त निर्देश- अफसर हल निकाले

रायपुर. जिस समय नवभारत के फोटोग्राफर शहर के बीच एक धार्मिक जुलूस के कारण जाम की इस स्थिति की तस्वीरें ले रहे थे उसी समय मंत्रालय में यह बहस चल रही थी कि रायपुर के आम नागरिकों को जुलूस-जलसों से होने वाली परेशानियों से कैसे निजात दिलाई जाए. जिस समय शारदा चौक पर इस जाम में फंसी एक एम्बुलेंस की तस्वीर वॉट्सऐप पर एक नागरिक नवभारत को भेज रहे थे प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक उसी समय रायपुर के आईजी मंत्रालय में एक एस पी कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री को रिपोर्ट कर रहे थे कि पिछले एक साल में करीब डेढ़ सौ विभिन्न जुलूसों के कारण रायपुर शहर का ट्रैफिक बुरी तरह ध्वस्त हुआ…लोग परेशान हुए. एक आला अधिकारी के मुताबिक आई जी के इस प्रेजेंटेशन से सरकार चिंतित हुई. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि रायपुर आई जी,कमिश्नर, कलेक्टर और एस पी मिल कर इस समस्या का हल निकालें और यह सुनिश्चित करें कि आम लोगों को किसी भी किस्म के धार्मिक, राजनीतिक अथवा सामाजिक संगठनों के जुलूसों-रैलियों से या बारात जैसे निजी आयोजनों से परेशानी ना हो. उल्लेखनीय है कि रायपुर शहर इस बड़ी समस्या का हर रोज सामना करता है लेकिन धार्मिक,राजनीतिक या सामाजिक संगठनों के दबाव के आगे प्रशासन विवश रहता है.

बीजापुर के इस कलेक्टर के काम पर मुख्यमंत्री ने बजाई ताली

कलेक्टर्स कांफ्रेंस में जहाँ एक तरफ कुछ कलेक्टर्स के कामकाज से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को शिकायत थी और इतनी शिकायत थी कि उन्होंने ऐसे कलेक्टर्स को चुनाव लड़ लेने की नसीहत दे डाली, तो वहीं इस कांफ्रेंस के दूसरे दिन मंगलवार को एक उदाहरण ऐसा भी था जब एक कलेक्टर के प्रेजेंटेशन पर खुद मुख्यमंत्री ने तालियां बजाईं और कहा – गुड ! ये कलेक्टर थे बीजापुर के डा. अय्याज तंबोली. इन्होंने तमाम चुनौतियों के बीच बीजापुर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो किया उसने आज मंत्रालय में तालियां बटोरीं.
मंगलवार को प्रदेश के पांच कलेक्टर्स ने गुड प्रैक्टिसेस यानी सकारात्मक कामों पर प्रेजेंटेशन दिया. इनमें बीजापुर कलेक्टर ने बताया कि किस तरह उन्होंने घोर नक्सल प्रभावित बीजापुर में जिला अस्पताल को सुदृढ़ किया और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया. बताते हैं कि इस कांफ्रेंस में मौजूद लोग तब चौंके थे, जब उन्हें पता चला कि बीजापुर जैसे जिले में 48 डॉक्टर्स देश के अलग-अलग हिस्सों से आ कर काम कर रहे हैं और इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक भी शामिल हैं. बताया गया कि नक्सल एनकाउंटर में घायल एक जवान का इमरजेंसी आॅपरेशन होना था. महारानी अस्पताल जगदलपुर ने हाथ खड़े कर दिए थे और रायपुर लाने का समय नहीं था. तब बीजापुर में यह आॅपरेशन हुआ और सफल हुआ. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं इस जानकारी पर बैठक में तालियां बजीं. बताया गया कि इस अस्पताल में आॅपरेशन थिएटर से लेकर अन्य सुविधाओं को भी बेहतर किया गया है. बाहर से आने वाले डॉक्टर्स यहाँ टिकें इसके लिए उनकी सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया. मनोरंजन के लिए क्लब बनाया गया है. किसी डॉक्टर की पत्नी पढ़ाना चाहती थी, तो उन्हें कॉलेज में संविदा नियुक्ति दी गई. सरकार ने इन कोशिशों को धारा से हट कर किया गया काम माना. अन्य कलेक्टर्स में रायगढ़ कलेक्टर अलरमेल मंगई डी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर, मुंगेली कलेक्टर किरण कौशल ने स्वच्छता अभियान पर, कांकेर कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों के लिए किए गए काम पर प्रेजेंटेशन दिया.

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